विधायक-पूर्व विधायक की तकरार ने पकड़ा सियासी रंग, FIR के बाद एसएसपी दफ्तर में धरना

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर रुद्रपुर में हुई बैठक के दौरान विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक तकरार में बदल गया है। विवाद के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम उनके आवास पर दबिश देने पहुंची, लेकिन ठुकराल वहां मौजूद नहीं मिले।

सोमवार को कलेक्ट्रेट में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में एसआईआर की समीक्षा बैठक चल रही थी। इसी दौरान विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच किसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस हो गई। मामला बढ़ने पर विधायक अरोड़ा अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने ठुकराल पर गालीगलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

मामले में देर रात सहायक निर्वाचन अधिकारी की शिकायत पर पंतनगर थाने में राजकुमार ठुकराल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद विधायक समर्थकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

वहीं, पूर्व विधायक ठुकराल की ओर से भी सिडकुल पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि उनकी शिकायत की जांच की जा रही है। इसी बीच मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की चार गाड़ियां ठुकराल के एलायंस कॉलोनी स्थित आवास पहुंचीं। बताया गया कि पूर्व विधायक घर पर नहीं थे और उनकी पत्नी ही वहां मौजूद थीं। काफी देर तक तलाश के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई।

पुलिस कार्रवाई के बाद किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकुमार ठुकराल के खिलाफ दबाव में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बिना वारंट आवास पर पुलिस पहुंचने पर भी सवाल उठाए। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

इसके बाद विधायक तिलक राज बेहड़ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। एसआईआर की समीक्षा बैठक से शुरू हुआ विवाद अब मुकदमे, पुलिस दबिश और धरने के चलते सियासी मुद्दा बन गया है।