उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए खुला अवसरों का नया रास्ता, धामी ने बताई खेल महाकुंभ की बड़ी उपलब्धि

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खेल महाकुंभ-2026 के समापन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलों का महत्व केवल पदक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये जीवन में अनुशासन, धैर्य और कठिन परिस्थितियों से लड़ने का जज्बा भी पैदा करते हैं। खेल व्यक्ति को हार से सीख लेकर दोबारा आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और शारीरिक व मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड की प्रत्येक खेल प्रतिभा को उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ खेल महाकुंभ की शुरुआत की गई थी, ताकि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक और संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए।

सीएम धामी ने बताया कि खेल महाकुंभ के तहत न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रदेशभर के करीब 3 लाख 35 हजार खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए 11 करोड़ 30 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस आयोजन को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया है। क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में सहयोग दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है और प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होता है।