
उत्तराखंड के रानीखेत क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक की घर में घुसकर हत्या किए जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को उनके सामने पेश करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक गिरफ्तारी नहीं दिखाई जाएगी, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।
यह सनसनीखेज वारदात शुक्रवार शाम करीब आठ बजे द्वाराहाट ब्लॉक के ऐना गांव में हुई। नगर क्षेत्र से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में जानकी देवी और उनकी चचेरी सास सावित्री देवी घर में भोजन बनाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान जानकी देवी के मायके सिमोली गांव से आया उनका 19 वर्षीय भांजा सागर सिंह, जो पिछले करीब 10 दिनों से उनके घर पर रह रहा था, हमले का शिकार हो गया। हमलावर ने घर में घुसकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
घटना की जानकारी मिलते ही सिमोली, भैंसोली, टनवाड़ी, तुश्यारी समेत आसपास के कई गांवों के करीब डेढ़ सौ ग्रामीण रानीखेत कोतवाली पहुंच गए। लोगों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी को तुरंत सार्वजनिक रूप से सामने लाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की भी मांग उठाई।
शनिवार को सागर सिंह के शव का पोस्टमार्टम नागरिक चिकित्सालय में कराया गया। इस दौरान भी परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद प्रदर्शनकारी सीधे कोतवाली पहुंचे और आरोपी को उनके सामने पेश करने की मांग पर अड़ गए।
स्थिति को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) भावना कैंथोला ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हत्या के आरोपी जगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, ग्रामीण आरोपी को प्रत्यक्ष रूप से देखने की मांग पर देर तक अड़े रहे।
पुलिस के अनुसार आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है और मामले का विस्तृत खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के करेंगे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य दीपक साह, पूर्व सरपंच डूंगर सिंह सहित विभिन्न गांवों के कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल रहे।







