उत्तराखंड में बदलने लगा मौसम का मिजाज, दिन में धूप तो रातें होने लगीं सर्द

उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है और मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगा है। प्रदेश में दिन के समय तेज धूप निकलने से गर्मी का अहसास हो रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट के चलते रातें धीरे-धीरे ठंडी होने लगी हैं। रविवार को भी सुबह से अधिकांश इलाकों में धूप खिली रही।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आज प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का असर मैदानी इलाकों से अलग दिखाई दे रहा है। पहाड़ों में तापमान में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट दर्ज होने के साथ हवाएं चलने से ठंड का अहसास बढ़ गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 25 सितंबर तक प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। विभाग ने 25 से 30 सितंबर के बीच प्रदेश से मानसून की विदाई होने का अनुमान जताया है।

इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में कुल बारिश सामान्य के आसपास रही, लेकिन जिलावार आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, एक जून से 18 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक प्रदेश में औसतन 1159.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 1118.4 मिलीमीटर है। इस लिहाज से प्रदेश में बारिश सामान्य से चार प्रतिशत अधिक रही।

जिलों की बात करें तो बागेश्वर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां सामान्य 758.9 मिलीमीटर के मुकाबले 1982.7 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य से 161 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा अल्मोड़ा में 27, चमोली में 69, टिहरी में 28 और हरिद्वार में 14 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

वहीं दूसरी ओर पौड़ी गढ़वाल में बारिश की सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई। जिले में सामान्य 1226.6 मिलीमीटर के मुकाबले महज 675.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 45 प्रतिशत कम है। चंपावत में 26, नैनीताल में 20, उत्तरकाशी में 14, रुद्रप्रयाग में सात और देहरादून में तीन प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।

पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में बारिश सामान्य के आसपास रही। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर के शेष दिनों में भी कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश के आंकड़ों में कुछ बदलाव हो सकता है।