
उत्तराखंड में मदरसों को लेकर मौलाना के कथित विवादित बयान के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। चंपावत रवाना होने से पहले हैलीपैड पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि धमकी देने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की बयानबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मामला केवल किसी एक मौलाना के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी विचारधारा से जुड़ा है जो संविधान और कानून व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति को समाज में भय का माहौल पैदा करने या धमकी देने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सीएम ने कहा कि पहले तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ऐसे लोगों को संरक्षण मिलता था, लेकिन अब प्रदेश में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी इस प्रकार की बयानबाजी सामने आई है, वहां प्रशासन संबंधित लोगों को चिन्हित कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कानून का राज मजबूत हुआ है। उत्तराखंड में भी सरकार संविधान के अनुरूप काम कर रही है और कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।







