
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। कई इलाकों में पहले से ही जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा महीने के शुरुआती आठ दिनों में ही पार हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अच्छी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने तथा नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है।
मध्य भारत में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश में इस सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है। मंडला और डिंडोरी समेत कई इलाकों में भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। कई घाट पानी में डूब गए हैं और जलभराव के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। डिंडोरी-जबलपुर-अमरकंटक हाईवे पर भी यातायात प्रभावित होने से जाम की स्थिति बनी हुई है।
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जाजपुर और केंद्रापाड़ा क्षेत्रों में लोगों के बहने की घटनाओं के बाद बचाव दल और स्थानीय प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर निगरानी रख रहे हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पश्चिमी तट पर कोंकण, गोवा, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 10 अगस्त को इन क्षेत्रों में बारिश तेज रह सकती है, जबकि कोंकण और गोवा में पूर्वानुमान अवधि के दौरान अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में केरल और माहे में भारी बारिश का अनुमान है। केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर बारिश होगी। अंदरूनी कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
IMD के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावी है। इसके साथ समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला चक्रवाती परिसंचरण भी जुड़ा हुआ है। मानसून ट्रफ भी बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा इस सप्ताह उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है।







