मतपेटियों में कैद होगी प्रत्याशियों की किस्मत, उत्तराखंड के तीन निकायों में मतदान जारी

उत्तराखंड के तीन नवगठित नगर निकायों में मंगलवार सुबह 8 बजे से मतदान जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। मतदान को लेकर मतदाताओं, खासकर युवाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना 11 जून 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

इस चुनाव में नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर, नगर पंचायत गढ़ीनेगी और नगर पंचायत पाटी के अध्यक्ष एवं वार्ड सदस्यों के पदों के लिए मतदान हो रहा है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। तीनों निकायों में कुल 10,251 मतदाता 18 वार्डों और 19 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

उधम सिंह नगर जिले के गढ़ीनेगी क्षेत्र को हाल ही में नगर पंचायत का दर्जा मिला है, जहां पहली बार निकाय चुनाव कराए जा रहे हैं। यहां अध्यक्ष पद और सात सदस्य पदों के लिए मतदान हो रहा है। अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के कारण मुकाबला रोचक माना जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

इसी तरह चंपावत जिले के पाटी क्षेत्र में भी पहली बार नगर पंचायत चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। यहां अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जबकि चार सदस्य पदों के लिए भी मतदान जारी है। मतदान को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मौनकांडा निवासी युवा मतदाता चाहत मौनी ने पहली बार मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी की। उन्होंने नगर पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

टिहरी जिले की नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर में अध्यक्ष और सात सभासद पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह गुसाईं का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। ऐसे में यहां केवल सात वार्डों के सभासद पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है।

नरेंद्रनगर नगर पालिका के सात वार्डों में कुल 3,596 मतदाता हैं, जिनमें 1,623 महिला और 1,973 पुरुष मतदाता शामिल हैं। इन मतदाताओं द्वारा चुने जाने वाले सभासद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा, जिसकी गणना 11 जून को की जाएगी।

मतदान के लिए अध्यक्ष पद हेतु गुलाबी रंग का और सदस्य पद हेतु सफेद रंग का मतपत्र इस्तेमाल किया जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों, महिलाओं और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिली। चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।