
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होने जा रही है। बैठक के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को स्थान तय किया गया है। इस बीच 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि आंदोलनकारी संगठन ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा।
शुक्रवार को आंदोलनकारी संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए जंतर-मंतर से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब रवाना हुए। संगठन का कहना है कि बातचीत के बावजूद उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और इससे कम पर समझौता स्वीकार नहीं होगा।
उधर, संसद में भी नीट विवाद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और सभी दलों को इस पर सकारात्मक सहयोग करना चाहिए।
राजधानी दिल्ली में आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने शुक्रवार को भी राजीव चौक, मंडी हाउस, आईटीओ, सुप्रीम कोर्ट, खान मार्केट, पटेल चौक सहित 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा। इसके चलते कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को ऑटो और कैब के जरिए वैकल्पिक मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचना पड़ा।
इधर, जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के सरकारी आदेश के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करने पर सहमति जताई है। अदालत इस मामले में शुक्रवार को ही सुनवाई करेगी।
नीट पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के कारण जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में लगातार यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।







