बाबा के दरबार में अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे दर्शन, कैंची धाम में चारधाम जैसा सिस्टम लागू करने की तैयारी

नैनीताल। कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। वीकेंड और छुट्टियों में हजारों लोगों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए प्रशासन चारधाम यात्रा की तर्ज पर कैंची धाम में भी ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए आने से पहले अपनी यात्रा की तारीख दर्ज करानी पड़ सकती है।

कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सामान्य वीकेंड पर जहां 20 से 25 हजार लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं लंबे वीकेंड में यह आंकड़ा 35 से 40 हजार तक पहुंच जाता है। 2 अक्टूबर को करीब 36 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने से भवाली-कैंची धाम मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत के अनुसार, कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का पहले से आकलन करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। प्रशासन प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता के अनुरूप इंतजाम करने की दिशा में प्रयास कर रहा है। भीड़ बढ़ने पर निर्धारित क्षमता के अनुसार प्रवेश नियंत्रित करने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। हालांकि, पंजीकरण व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

नई व्यवस्था में श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। होटल, धर्मशाला और सराय में पहले से बुकिंग की व्यवस्था को इससे जोड़ने पर विचार किया जा सकता है। इससे श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप ठहरने, पार्किंग, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

मंदिर परिसर में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखना और अधिक भीड़ के दौरान अव्यवस्था की आशंका को कम करना है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन होटल, दुकानों और भोजनालयों में मनमाने दाम वसूलने की शिकायतों पर भी नजर रख रहा है। कारोबारियों को रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश देने की तैयारी है, ताकि श्रद्धालुओं को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। वहीं, मंदिर के समीप बहने वाली शिप्रा नदी के किनारे साफ-सफाई और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

कैंची धाम नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित है। इस मार्ग से अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले वाहन भी गुजरते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण लगने वाला जाम स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही को प्रभावित करता है। स्कूल, अस्पताल, नौकरी और कारोबार के सिलसिले में निकलने वाले लोगों को भी कई बार घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।

बाबा नीम करौली महाराज के प्रति देश-विदेश में बढ़ती आस्था, सोशल मीडिया और धार्मिक पर्यटन के विस्तार से कैंची धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। ऐसे में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन सुविधा देने के साथ यातायात और स्थानीय जनजीवन को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है। प्रस्तावित पंजीकरण व्यवस्था इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है।