
उत्तराखंड की लोक परंपरा और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर नैनीताल जिले में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर विकासखंड, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और वन पंचायत स्तर तक जनसहभागिता के साथ हजारों पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया गया।
कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने कुमाऊं कमिश्नरी परिसर नैनीताल में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने मंडलवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति संरक्षण और अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि हरेला केवल पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। इस अवसर पर अपर आयुक्त जीवन सिंह नगन्याल सहित कमिश्नरी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी कैंप कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर अभियान में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को मानसून अवधि में निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे के नेतृत्व में विकास भवन भीमताल परिसर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने छायादार, फलदार, चौड़ी पत्ती वाले और पुष्पीय प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
हरेला पर्व के तहत जिले के सभी विकासखंडों, न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों और वन पंचायत क्षेत्रों में भी जनसहयोग से पौधारोपण किया गया। वन, कृषि, उद्यान, भेषज, सहकारिता और ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मानसून अवधि में पौधारोपण अभियान लगातार जारी रहेगा।
नैनीताल जिले में आयोजित इन कार्यक्रमों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूत किया। वृहद पौधारोपण अभियान के माध्यम से हरित विकास और स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।







