नाबालिग से अश्लील हरकतें पड़ीं भारी, पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 3 साल की सजा

हरिद्वार। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने, उसके साथ अश्लील हरकतें करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में हरिद्वार की फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रमणि राय की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी आरोपी सचिन को पॉक्सो अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि घटना 12 फरवरी 2021 की है। शिकायतकर्ता महिला किसी कार्य से हरिद्वार शहर गई हुई थी, जबकि उसकी नाबालिग बेटी घर पर अपने बुजुर्ग मामा के साथ थी। शाम को जब महिला घर लौटी तो उसकी बेटी घर से लापता थी। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद अगले दिन पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

उसी रात दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि किशोरी दिल्ली के एक गुरुद्वारे में मिली है। परिजन और पुलिस उसे वापस हरिद्वार लेकर आए। घर लौटने पर पीड़िता ने बताया कि आरोपी सचिन उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस दौरान उसने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के बयान दर्ज कराए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत ने आरोपी सचिन को तीन वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।